इटावा। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में जिला प्रशासन और जिला खनन अधिकारी की तमाम सख्ती के दावों के बावजूद खनन माफिया बेखौफ होकर अवैध कारोबार को अंजाम दे रहे हैं। ताजा मामला थाना फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र का है, जहां सरेशाम और देर रात धड़ल्ले से मिट्टी का अवैध खनन और परिवहन किया जा रहा है।
रेलवे की पाइलिंग वाली मिट्टी पर माफियाओं का कब्जा

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुनैरा पावर हाउस के समीप, डूंगरी गांव के पास बड़े पैमाने पर मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह मिट्टी रेलवे विभाग द्वारा पाइलिंग कार्य के लिए खोदी गई थी। इस बेशकीमती सरकारी मिट्टी को खनन माफिया डंपरों में भरकर धड़ल्ले से पार कर रहे हैं।
इन नामों का आया सामने, निजी प्लॉटों में डंप हो रही मिट्टी
विश्वस्त सूत्रों की मानें तो इस पूरे अवैध खेल के पीछे आशीष यादव, नवीन मिश्रा और राज कुमार गुप्ता (एमबीपीएल कंपनी) का नाम सामने आ रहा है। ये माफिया फ्रेंड्स कॉलोनी थाना क्षेत्र से अवैध रूप से मिट्टी उठाकर उसे सिविल लाइन थाना क्षेत्र में स्थित निजी प्लॉटों में मोटी रकम लेकर डाल रहे हैं।
रात 11 बजे शुरू होता है ‘अवैध खेल’, अधिकारी नहीं उठाते फोन

स्थानीय लोगों और सूत्रों का कहना है कि अवैध खनन का यह पूरा कारोबार रात 11:00 बजे के बाद रफ्तार पकड़ता है। डूंगरी गांव के पास से रात भर डंपर दौड़ते रहते हैं। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि देर रात्रि जब इस अवैध परिवहन की शिकायत के लिए किसी सक्षम अधिकारी को फोन किया जाता है, तो कोई फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझता। अधिकारियों की इसी बेरुखी के कारण खनन माफियाओं के हौसले सातवें आसमान पर हैं।
अब सवाल यह उठता है कि क्या देर रात होने वाला यह अवैध परिवहन किसी रसूखदार या सक्षम अधिकारी की मूक सहमति या परमिशन से चल रहा है? जिला खनन अधिकारी और पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे इस खेल पर सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति का क्या असर होगा, यह देखने वाली बात होगी।

