इटावा। जनपद में रात ढलते ही अवैध खनन का काला कारोबार एक बार फिर पूरी रफ्तार पकड़ने लगा है। खनन माफिया बेखौफ होकर मध्य प्रदेश की सीमा से अवैध मिट्टी का खनन कर रहे हैं और इसे इटावा शहर में लाकर निजी प्लॉटों में भराव के काम में इस्तेमाल कर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि सीमा पर स्थित चंबल पुल से होकर देर रात कई डंपर बिना किसी वैध ‘यूपी फॉर्म’ (UP Form) के बेरोक-टोक उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं।
उदी चौकी इंचार्ज पर उठे गंभीर सवाल, बिना फॉर्म पास हो रहे डंपर

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे खेल में स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप हैं कि उदी चौकी इंचार्ज की कथित साठगांठ से बिना यूपी फॉर्म के मिट्टी से लदे अवैध डंपरों को चंबल पुल से सुरक्षित निकाला जा रहा है। स्थानीय लोगों और जानकारों का स्पष्ट कहना है कि पुलिस की मूक सहमति या सहभागिता के बिना उत्तर प्रदेश की सीमा में इस तरह अवैध मिट्टी का कारोबार संचालित होना नामुमकिन है।
गिट्टी के बाद अब मिट्टी का खेल, राजस्व विभाग को लाखों का चूना

चर्चा है कि स्थानीय पुलिस पहले गिट्टी से भरे डंपरों को बिना यूपी फॉर्म के पास करवाती थी, लेकिन अब अवैध मिट्टी को भी आसानी से पास करवाने का काम शुरू हो गया है। बिना कोई वैध फॉर्म या रॉयल्टी जारी किए रात भर अवैध परिवहन जारी रहने से राज्य के राजस्व विभाग को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है। खनन माफिया सरकारी राजस्व को चूना लगाकर अपनी जेबें भरने में लगे हैं।
प्रशासन से उठे बड़े सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने जिले के प्रशासनिक तंत्र और पुलिस गश्त के दावों की पोल खोलकर रख दी है:
कागजों की जांच क्यों नहीं? आखिर बिना किसी वैध कागजात और यूपी फॉर्म के मध्य प्रदेश की सीमा से डंपर उत्तर प्रदेश में कैसे दौड़ रहे हैं?
चौकी पर क्यों नहीं होती चेकिंग? चंबल पुल पर बनी पुलिस चौकी के सामने से रात भर निकलने वाले वाहनों की सघन चेकिंग क्यों नहीं की जाती?
जिम्मेदारों की खामोशी का राज क्या? राजस्व विभाग और पुलिस के उच्च अधिकारी इस अवैध परिवहन पर अब तक लगाम क्यों नहीं लगा पाए हैं?
स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध वर्ग ने जिला प्रशासन और पुलिस कप्तान से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उदी चौकी क्षेत्र में रात के समय विशेष चेकिंग अभियान चलाकर अवैध खनन में लिप्त माफियाओं व उनके मददगारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।


