इटावा। सावन के सोमवार को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। रविवार रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र बहादुर ने सदर तहसील का औचक निरीक्षण किया। वे कांवड़ियों के ठहरने, बैठने और जलपान की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे थे, लेकिन मौके पर कोई उचित व्यवस्था न मिलने पर उन्होंने सख्त नाराजगी जताई।
बाहरी लोगों को परिसर छोड़ने की सख्त हिदायत

निरीक्षण के दौरान तहसील परिसर में मौजूद कुछ प्राइवेट और बाहरी व्यक्तियों की मौजूदगी पर सिटी मजिस्ट्रेट ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों के नाम नोट कराए और दोबारा परिसर में न दिखने की चेतावनी दी। साथ ही, सुरक्षा में तैनात पीआरडी (PRD) जवानों को भी ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर जमकर फटकार लगाई।
सूचना मिलते ही देर रात पहुंचे तहसीलदार

सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा व्यवस्थाएं न मिलने की जानकारी दिए जाने के तुरंत बाद सदर तहसीलदार अभिजीत गौरव और नायब नाजिर अनुभव कुमार देर रात तहसील पहुंचे। तहसीलदार ने कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल कांवड़ियों के लिए बैठने, लेटने और जलपान की व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
गेट पर खुद खड़े रहे अफसर

व्यवस्थाएं ठीक कराने के बाद तहसीलदार अभिजीत गौरव अपनी टीम के साथ खुद तहसील के मुख्य गेट पर खड़े होकर स्थिति का जायजा लेते रहे ताकि आने वाले कांवड़ियों को कोई असुविधा न हो।
दो कर्मचारियों पर गिरेगी गाज

तहसीलदार अभिजीत गौरव ने स्पष्ट किया कि कांवड़ियों के रुकने और जलपान के इंतजाम पहले से तय थे, लेकिन ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने निगरानी नहीं रखी। इसी लापरवाही की वजह से निरीक्षण के समय खामियां सामने आईं। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले दो कर्मचारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई करने की बात कही है।


