आशीष श्रीवास्तव
इटावा। जनपद के थाना इकदिल क्षेत्रान्तर्गत रेलवे ट्रैक पर मिले अज्ञात शव की गुत्थी को इटावा पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। मृतक की पहचान मनीष यादव के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि यह सनसनीखेज वारदात प्रेम प्रसंग और रंजिश के चलते अंजाम दी गई थी। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है।
लिफ्ट देने के बहाने बुलाया और उतारा मौत के घाट

पुलिस के अनुसार, मुख्य अभियुक्त अभिषेक यादव को शक था कि मनीष उसकी बहन से बात करता है। इसी का बदला लेने के लिए अभिषेक ने अपने साथियों विपिन और दीपक के साथ मिलकर मनीष की हत्या की साजिश रची। 18 फरवरी को अभियुक्तों ने मनीष को लिफ्ट देने के बहाने अपनी गाड़ी में बैठाया और सुनसान जगह ले जाकर उसकी हत्या कर दी।
साक्ष्य मिटाने के लिए रेलवे ट्रैक पर फेंका शव

हत्या करने के बाद आरोपियों ने मामले को दुर्घटना का रूप देने और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को थाना इकदिल क्षेत्र के रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया। अगले दिन शव मिलने पर सनसनी फैल गई। जांच में पता चला कि मनीष की गुमशुदगी पहले ही थाना भरथना में दर्ज कराई जा चुकी थी।
पुलिस की बड़ी कामयाबी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) इटावा के निर्देशन में गठित तीन पुलिस टीमों (SOG/सर्विलांस और थाना पुलिस) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का अनावरण किया।
गिरफ्तार अभियुक्त: दीपक पुत्र अरविंद कुमार (निवासी केशोपुर कलां)।
फरार अभियुक्त: अभिषेक यादव और विपिन यादव (गिरफ्तारी हेतु टीमें रवाना)।
पुलिस का बयान

”परिजनों द्वारा गुमशुदगी दर्ज कराए जाने से पहले ही मनीष की हत्या की जा चुकी थी। पकड़े गए आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। शेष अभियुक्तों को भी जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”


