आशीष श्रीवास्तव /विशाल मिश्रा
इटावा/फिरोजाबाद: जिस घर में सोहर गाए जा रहे थे, जहाँ नए मेहमान के आने की खुशियाँ मनाई जा रही थीं, वहां कुछ ही घंटों में ऐसी चीख-पुकार मची कि सुनने वालों की रूह कांप गई। एक भीषण सड़क हादसे ने न केवल एक मां की गोद सूनी कर दी, बल्कि एक पत्नी का सुहाग भी छीन लिया। फिरोजाबाद के मजदूर विनीत और उनके दो मासूम बेटों की सड़क हादसे में मौत ने दो गांवों में सन्नाटा पसरा दिया है।
खुशियों के बीच पसरा सन्नाटा: क्या है पूरा मामला?

फिरोजाबाद के कौरारी खेड़ा निवासी विनीत कुमार मजदूरी कर अपने परिवार की गाड़ी खींच रहे थे। उनकी पत्नी शिल्पी अपने 5 दिन के नवजात बेटे आयुष के साथ मायके (भिडरुआ, सैफई) गई हुई थीं। मौका था शिल्पी के भाई संदीप के घर बेटे के जन्म की ‘छठी’ के उत्सव का।
रविवार की रात विनीत अपने दो बेटों, मोहित और निशांत के साथ बाइक पर सवार होकर इसी उत्सव में शामिल होने निकले थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। जसवंतनगर थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे पर जमुना बाग के पास एक बेकाबू ट्रक ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया।
हादसे की भयावहता: ‘अभी तो मिलने आ रहे थे…’

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। पुलिस के मुताबिक, एक पेट्रोल पंप पर ट्रक बैक (पीछे) हो रहा था, तभी बाइक उससे जा भिड़ी। लहूलुहान हालत में तीनों को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इधर ससुराल में दावत की तैयारियां चल रही थीं, उधर मौत की खबर ने दस्तक दे दी। खबर सुनते ही पत्नी शिल्पी बेसुध होकर गिर पड़ीं। पोस्टमार्टम हाउस पर शिल्पी का एक ही विलाप हर किसी की आंखें नम कर रहा था— “अभी तो मिलने आ रहे थे, सब कुछ खत्म हो गया।”
मासूम आयुष को नहीं पता अब कभी नहीं लौटेंगे पिता
इस त्रासदी का सबसे मार्मिक पहलू 7 साल का मासूम आयुष है, जो पोस्टमार्टम हाउस के बाहर अपने पिता और भाइयों को ढूंढ रहा है। उसे नहीं पता कि जिन कंधों पर बैठकर वह कल तक खेलता था, अब वो कभी नहीं लौटेंगे।
पुलिस की कार्रवाई

क्षेत्राधिकारी जसवंतनगर आयुषी सिंह ने बताया कि: हादसा ट्रक के पीछे की ओर मुड़ने (Backing) के दौरान हुआ। तीनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश जारी है।


