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जिला अस्पताल के सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी से नाकाम हुई युवक की मनमानी

इमरजेंसी रैंप पर चढ़ा रहा था बाइक

आशीष श्रीवास्तव

​इटावा। जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था सोमवार शाम उस समय कसौटी पर खरी उतरी जब एक युवक ने नियमों को ताक पर रखकर अपनी मोटरसाइकिल को सीधे इमरजेंसी वार्ड के रैंप पर चढ़ाने का प्रयास किया। हालांकि, वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों की पैनी नजर से वह बच नहीं सका और उसे बैरंग वापस लौटना पड़ा।

​रैंप के बीच में ही घेराबंदी

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम एक युवक ने अस्पताल के नियमों का उल्लंघन करते हुए अपनी बाइक को इमरजेंसी वार्ड के रैंप पर दौड़ाने की कोशिश की। बाइक की आवाज और युवक की इस अनुशासनहीनता को देख वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड तुरंत हरकत में आए। सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को रैंप के बीच में ही रोक लिया। गार्डों के कड़े रुख को देख युवक को वार्ड के भीतर प्रवेश करने से पहले ही वहां से खदेड़ दिया गया।

मरीजों की सुरक्षा से समझौता नहीं

​अस्पताल प्रशासन की इस कड़ाई के कारण एक बड़ा हादसा या मरीजों को होने वाली असुविधा टल गई। संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण इमरजेंसी वार्ड में वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है। सुरक्षाकर्मियों की इस मुस्तैदी की सराहना की जा रही है, क्योंकि यदि बाइक सवार अंदर घुस जाता तो वार्ड में भर्ती गंभीर मरीजों के लिए खतरा पैदा हो सकता था।

CMS ने की पुष्टि

​जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. परितोष शुक्ला ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया गया। उन्होंने कहा, “युवक को समय रहते रोक लिया गया था, वह अस्पताल के संवेदनशील क्षेत्र यानी इमरजेंसी वार्ड के भीतर घुसने में पूरी तरह नाकाम रहा। सुरक्षा कर्मियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी कीमत पर अनुशासनहीनता बर्दाश्त न की जाए।”

सुरक्षा घेरा और किया गया सख्त

​इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी सुरक्षाकर्मियों को और अधिक चौकन्ना रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मुख्य द्वारों और रैंप के आसपास निगरानी बढ़ा दी गई है।

 

Ashish Srivastav

Written by Ashish Srivastav

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