उवैश चौधरी
इटावा जिले में आवारा कुत्तों और खूंखार बंदरों का आतंक अब गंभीर समस्या बनता जा रहा है। सुबह से लेकर शाम तक बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग इनके हमलों का शिकार हो रहे हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि जिला मुख्यालय स्थित डॉक्टर भीमराव अंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल में हर दिन बड़ी संख्या में लोग एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन और नगर निकायों की ओर से न तो इन जानवरों को पकड़ने की कोई व्यवस्था है और न ही उनकी बढ़ती संख्या को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

सुबह होते ही जिला अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में कुत्तों और बंदरों के काटने से घायल लोगों की भीड़ लगने लगती है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 35 से 40 लोग पहली डोज का एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचते हैं। कुल मिलाकर लगभग आधा सैकड़ा मरीज रोजाना इलाज के लिए आते हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या मासूम बच्चों की होती है, जो खेलते या घर के बाहर बैठते समय इन जानवरों का शिकार बन जाते हैं।

बीते 19 जनवरी तक के आंकड़ों के अनुसार एक वर्ष में केवल जिला अस्पताल में ही करीब 10 हजार लोगों ने एंटी रैबीज का टीका लगवाया है। यदि पूरे जनपद के सभी सीएचसी, पीएचसी और निजी क्लिनिकों के आंकड़े जोड़े जाएं तो यह संख्या लाख के आसपास पहुंच सकती है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन यह साफ है कि जिले में आम लोग लगातार इस खतरे से जूझ रहे हैं और प्रशासन की उदासीनता से नाराज हैं।

जिला अस्पताल की इमरजेंसी के कमरा नंबर 8 में सुबह से पीड़ितों का आना जारी रहता है। यहां डॉक्टर अर्चना सिंह और डॉक्टर महेश चंद्र पीड़ितों की जांच कर एंटी रैबीज की डोज लगवाते हैं। एक पीड़ित ने बताया कि उसका बेटा खेत पर खाना देने जा रहा था, तभी रास्ते में कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया। वहीं एक महिला ने बताया कि उसकी तीन साल की बेटी घर के बाहर बैठी थी, तभी कुत्ते ने उसके पैर में काट लिया।
डॉक्टर अर्चना सिंह के अनुसार दोपहर तक करीब 90 लोगों को इंजेक्शन लगाए जा चुके थे, जिनमें लगभग 40 पहली डोज और 50 दूसरी व तीसरी डोज के लिए आए थे। उन्होंने बताया कि इस मौसम में जानवरों का प्रजनन काल होने के कारण ऐसे मामले बढ़ जाते हैं। बच्चे उन्हें पकड़ने या खिलाने की कोशिश करते हैं, जिससे जानवर हमला कर देते हैं।

अर्चना सिंह ने सलाह दी है कि काटने की स्थिति में घाव को तुरंत साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए और बिना देर किए अस्पताल जाकर एंटी रैबीज की सभी डोज समय पर लगवानी चाहिए।


