आशीष श्रीवास्तव
इटावा। जनपद में भयमुक्त समाज की स्थापना और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए इटावा पुलिस ने वर्ष 2025 में एक नई इबारत लिखी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) इटावा के कुशल मार्गदर्शन और उच्चाधिकारियों के निर्देशन में चलाए गए विशेष अभियानों के चलते इस वर्ष जिले में अपराधियों के हौसले पस्त नजर आए।

प्रभावी कार्ययोजना से मिली सफलता
अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) कानपुर जोन और पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) कानपुर परिक्षेत्र के निर्देशों का पालन करते हुए जनपद पुलिस ने वर्ष के प्रारंभ में ही एक ‘जीरो टॉलरेंस’ रणनीति तैयार की थी। इस कार्ययोजना के तहत जिले के शातिर अपराधियों, गैंगस्टरों और हिस्ट्रीशीटरों की सूची बनाकर उनके विरुद्ध घेराबंदी की गई। पुलिस की इस सक्रियता का परिणाम यह रहा कि जघन्य अपराधों में पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
विशेष अभियान और न्यायिक कार्यवाही
वर्ष 2025 के दौरान समय-समय पर चलाए गए विशेष अभियानों के माध्यम से पुलिस ने न केवल पुराने लंबित मामलों का निस्तारण किया, बल्कि सक्रिय अपराधियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा। पुलिस द्वारा की गई प्रभावी पैरवी के कारण कई अपराधियों को न्यायालय से कड़ी सजा दिलाने में भी सफलता प्राप्त हुई है, जिससे जनमानस में पुलिस के प्रति विश्वास और सुदृढ़ हुआ है।
प्रमुख उपलब्धियां एक नजर में:

अपराध नियंत्रण: लूट, डकैती और हत्या जैसे गंभीर अपराधों पर प्रभावी अंकुश।
त्वरित कार्यवाही: सूचना मिलते ही पुलिस की क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) की सक्रियता।
जन-संवाद: ‘पुलिस आपके द्वार’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए आम जनता से सीधा जुड़ाव।
कानून का इकबाल: अपराधियों के विरुद्ध सख्त विधिक कार्यवाही कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजना।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इस सफलता का श्रेय पूरी टीम की टीम भावना और कड़ी मेहनत को दिया है। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनपद में शांति व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी अराजक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। आगामी समय में भी तकनीक और मैनपावर के बेहतर तालमेल से इटावा को पूरी तरह सुरक्षित रखने का संकल्प दोहराया गया है।


