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PhonePe पेमेंट ने खोला बच्चा चोरी का राज

10 माह का मासूम इबराहीम बरामद; 3.30 लाख में हुआ था सौदा

आशीष श्रीवास्तव

​ इटावा/आगरा।  डिजिटल इंडिया के दौर में अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, एक छोटी सी डिजिटल चूक उसे सलाखों के पीछे पहुंचा सकती है। आगरा जीआरपी पुलिस ने एक ऐसे ही सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है, जहां ट्रेन से अगवा किए गए 10 माह के मासूम बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। इस पूरे केस को सुलझाने में आरोपी द्वारा किया गया ‘PhonePe’ ट्रांजेक्शन सबसे बड़ा सबूत साबित हुआ।

नशीला पदार्थ खिलाकर किया था अपहरण

​घटना 14/15 जनवरी की रात की है। पीड़ित महिला मुन्नी देवी नंदनकानन एक्सप्रेस से अलीगढ़ से झारखंड के कोडरमा जा रही थी। महिला का आरोप है कि उसकी बगल की सीट पर बैठे यात्री (सोनू कुमार) ने इटावा स्टेशन के पास उसे कुछ नशीला पदार्थ खिला दिया। महिला के बेहोश होते ही आरोपी उसका 10 माह का बेटा इबराहीम लेकर रफूचक्कर हो गया। होश आने पर महिला ने शोर मचाया और मिर्जापुर स्टेशन पर ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज कराई।

CCTV और PhonePe ने ऐसे फंसाया आरोपी को

​आगरा जीआरपी के एसपी अनिल कुमार झा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इटावा, टूंडला और अलीगढ़ की संयुक्त टीमें बनाईं।

फतेहपुर रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी में आरोपी बच्चे को ले जाते हुए दिखा।

​डिजिटल ट्रेल: जांच में पता चला कि आरोपी सोनू ने अलीगढ़ में टिकट खरीदते समय PhonePe से पेमेंट किया था। इसी डिजिटल ट्रांजेक्शन के जरिए पुलिस ने आरोपी की पहचान की और उसे दबोच लिया।

​3.30 लाख में हुआ था बच्चे का सौदा

​पूछताछ में आरोपी सोनू ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि उसने बच्चे को बेचने के लिए अगवा किया था। उसने गाजियाबाद (दादरी) के रहने वाले एक दंपति, अशोक और पूनम, से 3 लाख 30 हजार रुपये में बच्चे का सौदा किया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दबिश दी और बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।

पुत्र की चाहत ने दंपति को पहुंचाया जेल

​एसपी जीआरपी ने बताया कि आरोपी दंपति की पहले से एक पुत्री थी, लेकिन पुत्र की चाहत में उन्होंने इस जघन्य अपराध में साथ दिया और बच्चा खरीदा। पुलिस ने मुख्य आरोपी सोनू कुमार समेत बच्चा खरीदने वाले दंपति को भी गिरफ्तार कर लिया है।

भावुक क्षण: मां को मिला अपना लाल

​जब जीआरपी पुलिस ने नन्हे इबराहीम को उसकी मां मुन्नी देवी की गोद में सौंपा, तो वह फफक-फफक कर रो पड़ीं। उन्होंने पुलिस टीम का आभार व्यक्त करते हुए इसे अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा चमत्कार बताया।

 

Ashish Srivastav

Written by Ashish Srivastav

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