आशीष श्रीवास्तव
इटावा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संयोजक डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश के साधु-संत, महात्मा और सरकार शंकराचार्य विवाद को सुलझाने में पूरी तरह सक्षम हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि जल्द ही इस मामले का समाधान निकाल लिया जाएगा।

रविवार को शहर के एक निजी विद्यालय में आयोजित ‘खिचड़ी भोज’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे डॉ. इंद्रेश कुमार का भाजपा कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम के उपरांत मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी।
‘छवि खराब करना विपक्ष की गलतफहमी’

शंकराचार्य के कैंप पर हुए हमले को लेकर सरकार की घेराबंदी पर पलटवार करते हुए डॉ. कुमार ने कहा, “सरकार की छवि न पहले खराब हुई है और न ही कोई इसे खराब कर पाएगा।” उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पराजित विपक्ष अपनी भूमिका खोता जा रहा है और हार की बौखलाहट में सरकार की छवि बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है, लेकिन यह उसकी बड़ी गलतफहमी है।
दंगा मुक्त प्रदेश की ओर बढ़ते कदम
डॉ. इंद्रेश कुमार ने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा कि अब समाज को बांटने वाली राजनीति सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा, “सवर्ण और अवर्ण की बात तो अब पुरानी हो गई है, अब तो दिल्ली और उत्तर प्रदेश के मुसलमान भी दंगा मुक्त प्रदेश और विकास की मुख्यधारा के बारे में सोचने लगे हैं।” यूजीसी (UGC) के संदर्भ में उन्होंने कहा कि भड़काने वाले लोग सक्रिय रहेंगे, लेकिन समाज अब जागरूक हो चुका है और वह बंटेगा नहीं।
इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, भारी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

