विशाल मिश्रा
गोरखपुर | उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को अपने गोरखपुर दौरे के दौरान पूरे एक्शन मोड में नजर आए। प्रदेश में जारी भीषण शीतलहर के बीच सीएम योगी ने देर शाम बरगदवा और राप्तीनगर स्थित रैन बसेरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि वहां ठहरे जरूरतमंदों से बातचीत कर उनका हालचाल भी जाना।
व्यवस्थाओं की खुद की पड़ताल, हाथों से बांटा भोजन

मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों में ठहरे लोगों से सीधे संवाद किया और पूछा कि उन्हें वहां कोई असुविधा तो नहीं हो रही है। सीएम ने रैन बसेरे के अंदर और बाहर मौजूद सभी जरूरतमंदों को अपने हाथों से कंबल और गर्म भोजन वितरित किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रैन बसेरों में साफ-सफाई, बिस्तर और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए।
अधिकारियों को सख्त निर्देश: ‘कोई फुटपाथ पर न दिखे’

निरीक्षण के दौरान सीएम योगी ने प्रशासन और नगर निकाय के अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में हिदायत दी। उन्होंने कहा:
”भीषण शीतलहर का प्रकोप बढ़ रहा है। ऐसे में कोई भी व्यक्ति फुटपाथ या पटरी पर सोने को मजबूर नहीं होना चाहिए। जिला प्रशासन उन्हें सम्मानपूर्वक रैन बसेरों में लाए और वहां उनके ठहरने की समुचित व्यवस्था करे।”
प्रदेश भर में ‘युद्ध स्तर’ पर राहत कार्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि अकेले गोरखपुर महानगर में 19 रैन बसेरे संचालित हो रहे हैं, जहां 1000 लोगों के रुकने की अस्थायी व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में प्रशासन को ‘युद्ध स्तर’ पर कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। हर जिले में व्यापक पैमाने पर:
कंबल और ऊनी वस्त्रों का वितरण किया जाए।
सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त अलाव जलाए जाएं।
रैन बसेरों की निगरानी के लिए विशेष टीमें लगाई जाएं।
स्वयंसेवी संस्थाओं से भावुक अपील

सीएम योगी ने समाज के सक्षम वर्ग और स्वयंसेवी संस्थाओं से भी इस सेवा कार्य में जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि भीषण ठंड में गरीबों और बेसहारा लोगों की मदद करना सबसे बड़ा पुण्य और धर्म का कार्य है।


