आशीष श्रीवास्तव
इटावा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने गृह जनपद इटावा में निर्माणाधीन केदारेश्वर मंदिर का एक नया और भव्य वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद न केवल मंदिर की भव्यता चर्चा में है, बल्कि अखिलेश यादव द्वारा लिखा गया ‘दार्शनिक’ कैप्शन भी राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर रहा है।
“अदृश्य की प्रेरणा से दृश्यमान हुआ आकार”
वीडियो साझा करते हुए सपा सुप्रीमो ने बहुत ही गहरे अर्थों वाला संदेश लिखा। उन्होंने पोस्ट में कहा:
“जब कोई अदृश्य करवाता है, तभी ऐसा बड़ा काम आकार पाता है, दृश्यमान हो जाता है।”

उनके इस संदेश को जानकार एक सार्थक संकेत मान रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि यह उनकी आस्था और विकास के प्रति समर्पण को दर्शाता है, वहीं राजनीतिक विश्लेषक इसे सॉफ्ट हिंदुत्व और भविष्य की राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं।
मंदिर निर्माण से बढ़ी सियासी हलचल

इटावा में बन रहा यह मंदिर अपनी स्थापत्य कला और भव्यता के लिए जाना जा रहा है। अखिलेश यादव द्वारा वीडियो जारी किए जाने के बाद:
समर्थकों में उत्साह: सपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता में मंदिर को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। इसे इटावा के धार्मिक पर्यटन और विकास के लिए मील का पत्थर बताया जा रहा है।
विपक्ष में बेचैनी: मंदिर निर्माण और अखिलेश यादव की सक्रियता ने विपक्षी खेमे में हलचल तेज कर दी है। इटावा की राजनीति एक बार फिर ‘धार्मिक विकास’ के केंद्र पर आकर टिक गई है।
क्या है केदारेश्वर मंदिर की खासियत?

इटावा में बन रहा केदारेश्वर मंदिर दक्षिण भारतीय और पारंपरिक उत्तर भारतीय स्थापत्य कला का मिश्रण बताया जा रहा है। अखिलेश यादव व्यक्तिगत रूप से इसके निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे हैं। इस मंदिर के माध्यम से इटावा को एक नई धार्मिक पहचान दिलाने की कोशिश की जा रही है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे यह साफ है कि आने वाले दिनों में मंदिर और उससे जुड़ी राजनीति प्रदेश में एक बड़ा मुद्दा बनेगी।


