आशीष श्रीवास्तव / विशाल मिश्रा
इटावा। जनपद में पिछले 15 दिनों से जारी शीतलहर और घने कोहरे ने रेल यातायात की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। दृश्यता कम होने के कारण ट्रेनों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे यात्रियों को कड़ाके की ठंड में घंटों प्लेटफॉर्म पर इंतजार करना पड़ रहा है। बुधवार को स्थिति उस समय और खराब हो गई जब डाउन शताब्दी एक्सप्रेस को निरस्त करना पड़ा, वहीं कई प्रमुख ट्रेनें 10 से 17 घंटे की देरी से जंक्शन पहुंचीं।

17 घंटे की देरी से पहुंची अमृत भारत, यात्री परेशान
कोहरे के चलते ट्रेनों की लेटलतीफी का सबसे बुरा असर अमृत भारत और दरयाई एक्सप्रेस पर पड़ा। दिल्ली से अयोध्या जाने वाली डाउन अमृत भारत एक्सप्रेस, जिसका निर्धारित समय सुबह 06:30 बजे है, वह रिकॉर्ड 16 घंटे 57 मिनट की देरी से बुधवार सुबह 11:25 बजे इटावा पहुंची। इसी तरह दरयाई एक्सप्रेस भी 13 घंटे 23 मिनट की देरी से दोपहर 02:13 बजे जंक्शन आ सकी। डाउन दिशा में नेता जी कालका एक्सप्रेस, मूरी, नार्थ ईस्ट और जोधपुर हावड़ा एक्सप्रेस भी एक से साढ़े तीन घंटे की देरी से संचालित हुईं।
अप रूट पर भी ट्रेनों की चाल हुई सुस्त
ट्रेनों की लेटलतीफी केवल एक तरफ नहीं, बल्कि अप रूट पर भी जारी रही। ऊंचाहार एक्सप्रेस 10 घंटे 11 मिनट, मगध एक्सप्रेस 6 घंटे 30 मिनट और मरुधर एक्सप्रेस लगभग 6 घंटे की देरी से पहुंची। इसके अलावा गाजीपुर बांद्रा, वैशाली और कैफियत जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें भी 8 घंटे से अधिक लेट रहीं। शताब्दी एक्सप्रेस (अप) भी अपने निर्धारित समय से करीब 3 घंटे पीछे चली, जिससे दिल्ली जाने वाले यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
रेलवे को राजस्व का नुकसान, 215 यात्रियों ने कैंसिल कराए टिकट

ट्रेनों के घंटों लेट होने और शताब्दी एक्सप्रेस के निरस्त होने से यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया। भीषण ठंड के बीच प्लेटफॉर्म पर इंतजार करने के बजाय 215 यात्रियों ने अपने आरक्षित टिकट निरस्त करा दिए। यात्रियों द्वारा टिकट वापस लेने से रेलवे को भी बड़े राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है। फिलहाल मौसम के मिजाज को देखते हुए आने वाले दिनों में भी रेल यातायात सामान्य होने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।


