आशीष श्रीवास्तव
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) अभियान की समय सीमा को बढ़ा दिया गया है। चुनाव आयोग के नए कार्यक्रम के अनुसार, अब प्रदेश में मतदाता सूची का ड्राफ्ट 6 जनवरी को प्रकाशित किया जाएगा। इसके साथ ही, निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दावों और आपत्तियों के निस्तारण हेतु जनता को अतिरिक्त समय दिया गया है।
एक महीने तक चलेगा सुधार का काम
नए शेड्यूल के मुताबिक, ड्राफ्ट जारी होने के बाद नागरिक 6 फरवरी तक अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इस दौरान नए मतदाता अपना नाम जुड़वाने, पुराने विवरण में संशोधन कराने या अपात्र मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। सुधार की यह प्रक्रिया पूरे एक महीने तक प्रभावी रहेगी।
6 मार्च को होगा अंतिम प्रकाशन
अभियान के तहत प्राप्त सभी आवेदनों और आपत्तियों की गहन जांच के बाद, 6 मार्च को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन (Final List) किया जाएगा। प्रशासन ने अधिक से अधिक युवाओं और पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे इस बढ़ी हुई समय सीमा का लाभ उठाएं और मतदाता सूची में अपना नाम सुनिश्चित करें।
मुख्य तिथियां एक नजर में
6 जनवरी: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन।
6 फरवरी: आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि।
6 मार्च: फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन।


