इटावा। सर्द हवाओं और घने कोहरे ने एक बार फिर जनजीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। मौसम के बिगड़े हालात का सबसे ज्यादा असर रेल यातायात पर देखने को मिल रहा है। ट्रेनों के लगातार निरस्त होने और घंटों की देरी से चलने के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही टिकट कैंसिल होने की संख्या बढ़ने से रेलवे को भी रोजाना राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि प्रतिदिन करीब 100 से 150 टिकट रद्द हो रहे हैं।
पिछले तीन दिनों से कोहरा दोबारा गहराने के कारण ट्रेनों की लेटलतीफी फिर बढ़ गई है। चार दिन पहले तक ट्रेनों की चाल कुछ हद तक सुधरी थी, लेकिन अब हालात फिर से खराब हो गए हैं। खास तौर पर रात के समय चलने वाली ट्रेनें सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही हैं। देर रात और सुबह पहुंचने वाली ट्रेनों के घंटों लेट होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

इटावा जंक्शन पर हालात काफी परेशानी भरे बने हुए हैं। प्लेटफार्म पर ही नहीं, बल्कि वेटिंग हॉल और वेटिंग रूम में भी यात्रियों की भीड़ नजर आ रही है। सर्द हवाओं और ठंड के बीच यात्री घंटों ट्रेनों का इंतजार करने को मजबूर हैं। लंबे समय तक ठंड में बैठे रहने से बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है।
रविवार को अप और डाउन की महानंदा एक्सप्रेस के साथ ही इंटरसिटी एक्सप्रेस को कैंसिल कर दिया गया। इसके अलावा जंक्शन पर आने वाली 30 से ज्यादा ट्रेनें एक घंटे से लेकर दस घंटे से अधिक की देरी से पहुंचीं, जिससे यात्रियों का सफर और इंतजार दोनों ही लंबा हो गया।
देरी से पहुंचने वाली ट्रेनों में अप लालगढ़ एक्सप्रेस 3 घंटे 56 मिनट, डाउन ऊंचाहार एक्सप्रेस 4 घंटे 43 मिनट, अप मरुधर एक्सप्रेस 3 घंटे 34 मिनट, कैफियत एक्सप्रेस 5 घंटे 48 मिनट, अवध एक्सप्रेस 5 घंटे 23 मिनट और मगध एक्सप्रेस करीब चार घंटे देरी से पहुंची। डाउन की मगध एक्सप्रेस लगभग आठ घंटे और फरक्का एक्सप्रेस करीब आठ घंटे लेट रही।
इसके अलावा प्रयागराज स्पेशल ट्रेन 10 घंटे 30 मिनट, वैशाली एक्सप्रेस लगभग छह घंटे, संगम एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे, कोटा पटना एक्सप्रेस लगभग दो घंटे, देहरादून एक्सप्रेस ढाई घंटे, सूबेदारगंज एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे और कैफियत एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे की देरी से जंक्शन पर पहुंची।
तेजस, शताब्दी, गोमती, बंदे भारत, कालका मेल, मुरी, नीलांचल और नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें भी दो से छह घंटे तक लेट रहीं। लगातार हो रही इस अव्यवस्था से यात्रियों में नाराजगी देखी जा रही है। लोग मौसम सामान्य होने और ट्रेन संचालन जल्द सुधरने की उम्मीद कर रहे हैं।



