
रिपोर्ट: हरिओम त्रिवेदी
इटावा में सिंचाई विभाग के निचली गंगा नहर प्रखंड डिवीजन कार्यालय में 15 दिसंबर की रात हुए भीषण अग्निकांड का मामला अब सामान्य दुर्घटना नहीं रह गया है। शुरुआती तौर पर आग का कारण शार्ट सर्किट बताया गया था, लेकिन विभागीय जांच, सीसीटीवी फुटेज और कर्मचारियों की गतिविधियों ने साजिश की आशंका को मजबूत कर दिया है। अब तक तीन कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
सीसीटीवी फुटेज से बढ़ा संदेह
जांच के दौरान 16 दिसंबर की रात देखी गई सीसीटीवी फुटेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भरत कुमार घटना वाली रात करीब 11 बजकर 02 मिनट पर कार्यालय में प्रवेश करता दिखाई देता है। वह रात 12 बजकर 09 मिनट पर बाहर निकलता है। उसके हाथ में एक कागज भी नजर आ रहा है, जिसे महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है। इसके कुछ ही समय बाद कार्यालय से धुआं उठने और आग लगने की सूचना मिली।
कर्मचारियों पर गिरी गाज
इन तथ्यों को गंभीर मानते हुए विभागीय जांच कमेटी ने भरत कुमार को निलंबित करने की संस्तुति की। इससे पहले लापरवाही के आरोप में चौकीदार बलवीर को निलंबित किया जा चुका है। जांच में तीसरे कर्मचारी राजवीर उर्फ पिंटू निवासी दतावली की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। उसे दो माह पहले ड्यूटी में लापरवाही पर अन्य स्थान पर भेजा गया था, लेकिन अब अग्निकांड में संलिप्तता की आशंका पर उसे भी निलंबित कर दिया गया है।
जांच और एफआईआर को लेकर खींचतान
अधीक्षण अभियंता अमिताभ कुमार के निर्देशन में गठित उच्चस्तरीय जांच कमेटी मामले की गहन जांच कर रही है। कमेटी ने कार्यालय का निरीक्षण किया, सीसीटीवी फुटेज देखी और जले दस्तावेजों की जांच की। सहायक अभियंता की ओर से सिविल लाइन थाने में नामजद कर्मचारी के खिलाफ तहरीर दी गई है, लेकिन अब तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। पुलिस का कहना है कि जांच कमेटी की संस्तुति के बाद ही एफआईआर दर्ज की जाएगी।

