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शादी समारोह में बीएसएफ जवान ने चलाई गोली, इलाज के दौरान घायल की हुई मौत

कपड़ा व्यापारी को लगी थी गोली 15 दिनों बाद हुई मौत 

विशाल मिश्रा

इटावा।  जिले के थाना ऊसराहार कस्बे में 30 नवंबर की रात शादी समारोह के दौरान गोली लगने से गंभीर रूप से घायल कपड़ा व्यापारी युवक की इलाज चलने के बाद 15 दिसंबर की रात मौत हो गई। युवक की रीढ़ की हड्डी में गोली फंसी रह गई थी, जिससे संक्रमण फैल गया और उसकी जान नहीं बच सकी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम मंगलवार दोपहर एक बजे कराया। घटना में आरोपी बीएसएफ जवान को पहले ही गिरफ्तार और उसका असलाह जब्त किया जा चुका है और अब मुकदमे को हत्या की धाराओं में बदला जाएगा। सूर्यकान्त उर्फ पुष्कर पुत्र अवधेश कुमार गुप्ता उम्र 29 वर्ष निवासी नगरिया खनाबांध ऊसराहार, 30 नवंबर की रात अपने दोस्त सुमित पुत्र किशन पाल कश्यप निवासी ऊसराहार की शादी में शामिल होने दर्शन वाटिका मैरिज होम गया था। शादी समारोह के बाहर रात के समय डांस के दौरान विवाद हो गया। इसी दौरान बीएसएफ जवान शेष कुमार यादव पुत्र तेज पाल यादव निवासी जनता कॉलोनी नई मंडी फ्रेंड्स कॉलोनी इटावा, मूल निवासी नगर खंगर फिरोजाबाद ने लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग कर दी। परिजनों का आरोप है कि आरोपी जवान शराब के नशे में था और विवाद के बाद उसने कई राउंड फायर किए। जब लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने सूर्यकान्त को गोली मार दी।    गोली युवक के पेट में लगी और रीढ़ की हड्डी में जाकर फंस गई। घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई और परिजन घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए आगरा ले गए घायल सूर्यकान्त को पहले पुष्पांजलि अस्पताल आगरा में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर 11 दिसंबर को उसे मेदांता अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों की कोशिश के बावजूद रीढ़ में फंसी गोली नहीं निकल सकी। इसी कारण शरीर में संक्रमण फैलता गया। करीब पंद्रह दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 15 दिसंबर की रात करीब एक बजे उसकी मौत हो गई। मृतक के चाचा अरुण कुमार पुत्र श्याम किशोर ने बताया कि गोली मारने से पहले आरोपी ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग की थी। परिवार का कहना है कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए और उसे आजीवन कारावास दिया जाए। घटना के बाद से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है। सूर्यकान्त की शादी 7 दिसंबर 2022 को अर्चना निवासी जानीपुर अलीगंज एटा से हुई थी। उसके दो छोटे बच्चे हैं। एक दो साल की बेटी है और एक बेटा जिसका जन्म 9 नवंबर को हुआ था, गोली लगने से करीब 21 दिन पहले। बेटे का अभी तक नामकरण नहीं हो सका। परिवार का कहना है कि अगर सूर्यकान्त आज जिंदा होता तो बेटे का नामकरण धूमधाम से किया जाता। मृतक ऊसराहार कस्बे में कपड़े की दुकान चलाता था। वह तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा था और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। उसकी मौत से परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से टूट गया है। कस्बे में भी घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल है। इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गोली मारने वाले आरोपी बीएसएफ जवान को घटना के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। युवक की इलाज के दौरान मौत की सूचना मिल गई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और अब मुकदमे को हत्या की धाराओं में परिवर्तित किया जाएगा। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।

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