सौरभ द्विवेदी
इटावा। जिले के सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित निचली गंगा नहर सिंचाई विभाग के कार्यालय में लगी भीषण आग के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस घटना में विभाग के रिकॉर्ड रूम सहित कई कमरे जलकर पूरी तरह नष्ट हो गए, जिसमें लगभग पचास वर्षों से अधिक पुराने महत्वपूर्ण अभिलेख, फाइलें और नक्शे राख हो गए। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद विभाग के ही दो चौकीदारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके चलते दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है,और एक आरोपी भरत के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यह घटना बीते सोमवार 15 दिसंबर की सुबह तड़के सामने आई थी। शनिवार और रविवार के अवकाश के चलते कार्यालय पूरी तरह बंद था। सोमवार सुबह करीब छह बजे अचानक कार्यालय परिसर से धुआं उठता दिखाई दिया।
कुछ ही देर में आग की लपटें तेज हो गईं और आग एक कमरे तक सीमित न रहकर अलग अलग बने छह कमरों में फैल गई। आग इतनी भीषण थी कि आसपास के इलाकों में रहने वाले लोग दहशत में आ गए।सिचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार आग से नहर परियोजनाओं, भूमि अधिग्रहण, ठेकों, मरम्मत कार्यों और अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं से जुड़े दशकों पुराने दस्तावेज नष्ट हो गए हैं। विभाग की ओर से आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की प्रशाशन से मांग की गयी है।


