हरिओम त्रिवेदी /विशाल मिश्रा
इटावा में जिलाधिकारी चौराहा स्थित अटल पथ पर भाजपा नेता और नगर सभासद शरद बाजपेई सोमवार दिन से रात तक करीब 12 घंटे तक आमरण अनशन पर बैठे रहे। उनका अनशन पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमा के स्वरूप में बदलाव और उसे भव्य बनाए जाने की मांग को लेकर था। कड़ी ठंड के बीच प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश और आश्वासन के बाद चाय पिलाकर एवं मैगी खिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया गया।

भीषण सर्दी के बावजूद शरद बाजपेई अटल प्रतिमा के नीचे अलार्म लगाकर धरने पर बैठे रहे। दिन और रात के दौरान बड़ी संख्या में शहर के लोग उनके समर्थन में मौके पर मौजूद रहे। अनशन स्थल पर लगातार हलचल बनी रही और पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया।
शरद बाजपेई की मुख्य मांग थी कि अटल पथ पर लगी अटल बिहारी वाजपेई की प्रतिमा का अनावरण उसके मूल और असली स्वरूप में किया जाए। इसके साथ ही प्रतिमा के चारों ओर बने घेरे को भव्य बनाया जाए। प्रतिमा पर छत्र लगाया जाए और आसपास लाइट व फव्वारे की व्यवस्था की जाए, ताकि अटल जी के सम्मान के अनुरूप स्थल को विकसित किया जा सके।
करीब 12 घंटे की मशक्कत के बाद सिटी मजिस्ट्रेट राजेंद्र बहादुर और सीओ अभय नारायण राय ने शरद बाजपेई से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। इसके बाद उन्हें चाय पिलाकर अनशन समाप्त कराया गया।

सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि पहले प्रतिमा के वास्तविक स्वरूप की जांच की जाएगी और उसके बाद मांगों को पूरा करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं तो आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।

वहीं शरद बाजपेई ने कहा कि उन्होंने प्रशासन के निवेदन पर फिलहाल अनशन समाप्त किया है। यदि दिया गया आश्वासन पूरा नहीं हुआ तो वे दोबारा आमरण अनशन पर बैठेंगे और इससे भी बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने साफ कहा कि अटल बिहारी वाजपेई के सम्मान में किसी भी तरह की आंच नहीं आने दी जाएगी और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

