उवैस चौधरी
इटावा। जनपद में गुरुवार को कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। सुबह से ही शहर और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे दिनभर सूरज के दर्शन नहीं हो सके। ठंडी हवाओं के साथ सर्दी का असर और बढ़ गया। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार तड़के इटावा का न्यूनतम तापमान करीब 7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। लगातार गिरते तापमान और सर्द हवाओं के चलते लोग घरों से निकलने में भी हिचकते नजर आए। ठंड का असर बाजारों पर भी दिखा और रौनक कम रही।
रेल और सड़क यातायात पर पड़ा सीधा असर

सर्दी और कोहरे का सीधा असर रेल और सड़क यातायात पर देखने को मिला। घने कोहरे के कारण दृश्यता कम रही, जिससे वाहन चालकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी ट्रेन यात्रियों को उठानी पड़ी। कोहरे के चलते गुरुवार को कई ट्रेनें रद्द रहीं। गाड़ी संख्या 12033 शताब्दी एक्सप्रेस, 22432 ऊधमपुर एक्सप्रेस, 15483 महानंदा एक्सप्रेस और 2505 नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस को निरस्त कर दिया गया।
फरक्का 9 घंटे, कैफियत साढ़े 6 घंटे लेट

घने कोहरे की वजह से कई ट्रेनें घंटों की देरी से इटावा जंक्शन पहुंचीं। फरक्का एक्सप्रेस करीब 9 घंटे, कैफियत एक्सप्रेस साढ़े 6 घंटे, अवध एक्सप्रेस साढ़े 4 घंटे, मगध एक्सप्रेस 2 घंटे, ऊंचाहार एक्सप्रेस ढाई घंटे, इंटरसिटी एक्सप्रेस 1 घंटे और वैशाली एक्सप्रेस करीब 2 घंटे देरी से पहुंची। इसके अलावा लिंक एक्सप्रेस 2 घंटे, पटना-कोटा एक्सप्रेस 1 घंटे, संगम एक्सप्रेस 2 घंटे, आम्रपाली एक्सप्रेस 4 घंटे और लालगढ़ एक्सप्रेस करीब डेढ़ घंटे की देरी से जंक्शन पर पहुंची।
प्लेटफार्म और वेटिंग हॉल यात्रियों से भरे
ट्रेनों की लेटलतीफी के चलते इटावा जंक्शन के प्लेटफार्म, वेटिंग रूम और वेटिंग हॉल यात्रियों से खचाखच भरे रहे। कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। मौसम के तेवर देखते हुए आने वाले 24 घंटे तक सर्दी और घने कोहरे का असर बने रहने की संभावना जताई जा रही है। लोगों को सतर्क रहने और जरूरी होने पर ही घर से निकलने की सलाह दी जा रही है।


