हरिओम त्रिवेदी
इटावा। जिले में बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे किनारे बने शौचालय के सेफ्टी टैंक में गिरने से तीन साल के मासूम की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक बच्चा वहीं तैनात सफाई कर्मी का बेटा था। परिजनों ने सेफ्टी टैंक पर ढक्कन न होने को गंभीर लापरवाही बताया है और जिम्मेदार कंपनी पर कार्रवाई की मांग की है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर कुदरैल के पास चैनल नंबर 288.7 के समीप आम लोगों की सुविधा के लिए शौचालय बनाया गया है। यहां रायबरेली निवासी सफाई कर्मी विजय कार्यरत है। उसका तीन वर्षीय बेटा अर्पित शौचालय परिसर में खेल रहा था। इसी दौरान वह शौचालय के पीछे बने खुले सेफ्टी टैंक में गिर गया। टैंक की गहराई दस फीट से अधिक होने के कारण बच्चा बाहर नहीं निकल सका। कुछ समय बाद जब अर्पित नजर नहीं आया तो माता पिता उसकी तलाश करने लगे। पीछे जाकर देखा तो बच्चा सेफ्टी टैंक में पड़ा हुआ था। आनन फानन में बच्चे को बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां तैनात चिकित्सक अधीक्षक सैफ खान ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
कंपनी पर गंभीर आरोप

सफाई कर्मी विजय ने बताया कि एक्सप्रेस वे के रखरखाव का काम डीबीएल कंपनी द्वारा कराया जाता है। करीब एक माह पहले सेफ्टी टैंक की सफाई और मेंटेनेंस हुआ था लेकिन टैंक पर ढक्कन नहीं लगाया गया। इसको लेकर कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। विजय का कहना है कि अगर टैंक पर ढक्कन होता तो उसके बेटे की जान बच सकती थी। परिजनों ने कंपनी की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

